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Q: शैशवावस्था में बच्चों के क्रिया-कलाप.........होते हैं।
  • A. मूलप्रवृत्यात्मक
  • B. संरक्षित
  • C. संज्ञानात्मक
  • D. संवेगात्मक
Correct Answer: Option A - सामान्यत: 0-6 वर्ष तक की अवस्था बालक की शैशवावस्था कहलाती है। इस अवस्था में शिशु अपने मूल प्रकृति के अनुसार ही व्यवहार करता है जैसे गुस्सा आने पर रो कर अपनी अभिव्यक्ति देता है तथा खुश होने पर उसकी अभिव्यक्ति हंसी द्वारा होती है। अत: शैशवावस्था में बच्चों के क्रिया-कलाप मूल प्रवृत्यात्मक होते हैं।
A. सामान्यत: 0-6 वर्ष तक की अवस्था बालक की शैशवावस्था कहलाती है। इस अवस्था में शिशु अपने मूल प्रकृति के अनुसार ही व्यवहार करता है जैसे गुस्सा आने पर रो कर अपनी अभिव्यक्ति देता है तथा खुश होने पर उसकी अभिव्यक्ति हंसी द्वारा होती है। अत: शैशवावस्था में बच्चों के क्रिया-कलाप मूल प्रवृत्यात्मक होते हैं।

Explanations:

सामान्यत: 0-6 वर्ष तक की अवस्था बालक की शैशवावस्था कहलाती है। इस अवस्था में शिशु अपने मूल प्रकृति के अनुसार ही व्यवहार करता है जैसे गुस्सा आने पर रो कर अपनी अभिव्यक्ति देता है तथा खुश होने पर उसकी अभिव्यक्ति हंसी द्वारा होती है। अत: शैशवावस्था में बच्चों के क्रिया-कलाप मूल प्रवृत्यात्मक होते हैं।