Correct Answer:
Option C - ``तण्डुलान् ओदनं पचति'' इदम् शुद्धं वाक्यं अस्ति प्रश्नानुसार `तण्डुलान् ओदनं पचति' यह वाक्य शुद्ध है। यहाँ `तण्डुलान्' पद की ``अकथितं च'' सूत्र से कर्म संज्ञा होकर `कर्मणि द्वितीया' सूत्र से द्वितीया विभक्ति का विधान होता है। इसे गौण कर्म कहते हैं। यहाँ प्रधान कर्म ओदनं हैै। यहाँ ``कर्तुरीप्सिततमं कर्म'' सूत्र से कर्म संज्ञा होकर कर्मणि द्वितीया से द्वितीया विभक्ति का विधान होता है। अत: विकल्प (c) समुचित है।
C. ``तण्डुलान् ओदनं पचति'' इदम् शुद्धं वाक्यं अस्ति प्रश्नानुसार `तण्डुलान् ओदनं पचति' यह वाक्य शुद्ध है। यहाँ `तण्डुलान्' पद की ``अकथितं च'' सूत्र से कर्म संज्ञा होकर `कर्मणि द्वितीया' सूत्र से द्वितीया विभक्ति का विधान होता है। इसे गौण कर्म कहते हैं। यहाँ प्रधान कर्म ओदनं हैै। यहाँ ``कर्तुरीप्सिततमं कर्म'' सूत्र से कर्म संज्ञा होकर कर्मणि द्वितीया से द्वितीया विभक्ति का विधान होता है। अत: विकल्प (c) समुचित है।