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Q: State bird of Rajasthan is/राजस्थान का राज्य पक्षी है :
  • A. Siberian Crane/साइबेरियाई सारस
  • B. Great Indian bustard/वृहत भारतीय सारस (सारंग)
  • C. Flamingo/राजहंस
  • D. Hornbill/हार्नबिल (एक पक्षी)
Correct Answer: Option B - राजस्थान का राज्य पक्षी वृहत भारतीय सारस (सारंग) है। इसका वैज्ञानिक नाम Ardeotis nigriceps है। यह महाराष्ट्र, राजस्थान के जैसलमेर तथा बाड़मेर में फैले मरु उद्यान, सोरजन (बारा), अजमेर के शोकलिया क्षेत्र तथा सीमावर्ती पाकिस्तान में पाया जाता है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वृहत भारतीय सारस (सारंग) के तीन कृत्रिम प्रजनन केन्द्र राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात में स्थापित किया है। IUCN की संकटग्रस्त प्रजातियों पर प्रकाशित होने वाली ‘रेड डेटा बुक’ में इसे गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में तथा भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 1 में रखा गया है। वृहत भारतीय सारस को गोडावण पक्षी के नाम से भी जानते हैं तथा राजस्थान में स्थानीय नाम सोहन चिडि़या है। हार्नबिल अरुणाचल प्रदेश और केरल का राज्य पक्षी है।
B. राजस्थान का राज्य पक्षी वृहत भारतीय सारस (सारंग) है। इसका वैज्ञानिक नाम Ardeotis nigriceps है। यह महाराष्ट्र, राजस्थान के जैसलमेर तथा बाड़मेर में फैले मरु उद्यान, सोरजन (बारा), अजमेर के शोकलिया क्षेत्र तथा सीमावर्ती पाकिस्तान में पाया जाता है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वृहत भारतीय सारस (सारंग) के तीन कृत्रिम प्रजनन केन्द्र राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात में स्थापित किया है। IUCN की संकटग्रस्त प्रजातियों पर प्रकाशित होने वाली ‘रेड डेटा बुक’ में इसे गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में तथा भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 1 में रखा गया है। वृहत भारतीय सारस को गोडावण पक्षी के नाम से भी जानते हैं तथा राजस्थान में स्थानीय नाम सोहन चिडि़या है। हार्नबिल अरुणाचल प्रदेश और केरल का राज्य पक्षी है।

Explanations:

राजस्थान का राज्य पक्षी वृहत भारतीय सारस (सारंग) है। इसका वैज्ञानिक नाम Ardeotis nigriceps है। यह महाराष्ट्र, राजस्थान के जैसलमेर तथा बाड़मेर में फैले मरु उद्यान, सोरजन (बारा), अजमेर के शोकलिया क्षेत्र तथा सीमावर्ती पाकिस्तान में पाया जाता है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वृहत भारतीय सारस (सारंग) के तीन कृत्रिम प्रजनन केन्द्र राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात में स्थापित किया है। IUCN की संकटग्रस्त प्रजातियों पर प्रकाशित होने वाली ‘रेड डेटा बुक’ में इसे गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में तथा भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 1 में रखा गया है। वृहत भारतीय सारस को गोडावण पक्षी के नाम से भी जानते हैं तथा राजस्थान में स्थानीय नाम सोहन चिडि़या है। हार्नबिल अरुणाचल प्रदेश और केरल का राज्य पक्षी है।