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Q: ‘तिलकमञ्जरी’ का अस्ति ?
  • A. चम्पूकाव्यम्
  • B. पद्यकाव्यम्
  • C. गद्यकाव्यम्
  • D. उपर्युक्तेषु एकस्मात् अधिकम्
  • E. उपर्युक्तेषु कश्चन अपि नास्ति
Correct Answer: Option C - तिलकमञ्जरी गद्य काव्यम् अस्ति । धनपाल जिन्हें प्राकृत कोशकार भी कहा जाता है धनपाल रचित तिलकमञ्जरी गद्य काव्य है। तिलकमञ्जरी उनकी बेटी का नाम है यह संस्कृत साहित्य का प्रसिद्ध गद्य काव्य है। जिसमें हरिवाहन तथा तिलकमञ्जरी की प्रणय कथा र्विणत है। इस रचना से धनपाल ने संस्कृत कवियों में अपना स्थान प्राप्त कर लिया।
C. तिलकमञ्जरी गद्य काव्यम् अस्ति । धनपाल जिन्हें प्राकृत कोशकार भी कहा जाता है धनपाल रचित तिलकमञ्जरी गद्य काव्य है। तिलकमञ्जरी उनकी बेटी का नाम है यह संस्कृत साहित्य का प्रसिद्ध गद्य काव्य है। जिसमें हरिवाहन तथा तिलकमञ्जरी की प्रणय कथा र्विणत है। इस रचना से धनपाल ने संस्कृत कवियों में अपना स्थान प्राप्त कर लिया।

Explanations:

तिलकमञ्जरी गद्य काव्यम् अस्ति । धनपाल जिन्हें प्राकृत कोशकार भी कहा जाता है धनपाल रचित तिलकमञ्जरी गद्य काव्य है। तिलकमञ्जरी उनकी बेटी का नाम है यह संस्कृत साहित्य का प्रसिद्ध गद्य काव्य है। जिसमें हरिवाहन तथा तिलकमञ्जरी की प्रणय कथा र्विणत है। इस रचना से धनपाल ने संस्कृत कवियों में अपना स्थान प्राप्त कर लिया।