Correct Answer:
Option D - त्रिमार्ग में गैसोलीन में ईधन के एक भाग पर वायु के 14.6 से 14.8 भाग पर तात्विक मिश्रण बिन्दु आता है।
त्रिमार्ग– यह तीन बड़े उत्सर्जक को रोकने का कार्य करता है। हाइड्रोकार्बन, कार्बन मोनोआक्साइड व नाइट्रोजन के ऑक्साइड यह CO व HC को जल व कार्बन डाइआक्साइड में तथा NOx को नाइट्रोजन में अपचयति कर देता है। अत: यह ऑक्सीकरण व अपचयन दोनों के लिए प्रयुक्त किए जाते है।
D. त्रिमार्ग में गैसोलीन में ईधन के एक भाग पर वायु के 14.6 से 14.8 भाग पर तात्विक मिश्रण बिन्दु आता है।
त्रिमार्ग– यह तीन बड़े उत्सर्जक को रोकने का कार्य करता है। हाइड्रोकार्बन, कार्बन मोनोआक्साइड व नाइट्रोजन के ऑक्साइड यह CO व HC को जल व कार्बन डाइआक्साइड में तथा NOx को नाइट्रोजन में अपचयति कर देता है। अत: यह ऑक्सीकरण व अपचयन दोनों के लिए प्रयुक्त किए जाते है।