Correct Answer:
Option D - A तथा B दोनों गलत हैं। सौरमण्डल में ग्रह उपग्रह अन्तरिक्ष, चट्टानें और धूमकेतु शामिल हैं, जो सूर्य के चारों ओर घूमते हैं, जो पूरी तरह से गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक-दूसरे से बंधे होते हैं। पृथ्वी खिचाव बल के कारण नहीं अपितु गुरुत्वाकर्षण बल के कारण सौर मण्डल में बँधी रहती हैं। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल 9.81 m/s² होता है। यह दो प्रकार के होते हैं। आन्तरिक ग्रह और बाह्य ग्रह। आन्तरिक ग्रह में बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल तथा बाह्य ग्रह में बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण है। बाह्य ग्रह गैस के रूप में होते हैं। आन्तरिक ग्रह चट्टानों से निर्मित हैं। इस प्रकार A और B दोनों गलत हैं। बाह्य ग्रह मुख्य रूप से हाइड्रोजन, हीलीयम, मीथेन आदि गैसों के बने होते हैं। इनका घनत्व अपेक्षाकृत कम होता है, लेकिन ये आकार में बड़े होते हैं।
D. A तथा B दोनों गलत हैं। सौरमण्डल में ग्रह उपग्रह अन्तरिक्ष, चट्टानें और धूमकेतु शामिल हैं, जो सूर्य के चारों ओर घूमते हैं, जो पूरी तरह से गुरुत्वाकर्षण द्वारा एक-दूसरे से बंधे होते हैं। पृथ्वी खिचाव बल के कारण नहीं अपितु गुरुत्वाकर्षण बल के कारण सौर मण्डल में बँधी रहती हैं। पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल 9.81 m/s² होता है। यह दो प्रकार के होते हैं। आन्तरिक ग्रह और बाह्य ग्रह। आन्तरिक ग्रह में बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल तथा बाह्य ग्रह में बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण है। बाह्य ग्रह गैस के रूप में होते हैं। आन्तरिक ग्रह चट्टानों से निर्मित हैं। इस प्रकार A और B दोनों गलत हैं। बाह्य ग्रह मुख्य रूप से हाइड्रोजन, हीलीयम, मीथेन आदि गैसों के बने होते हैं। इनका घनत्व अपेक्षाकृत कम होता है, लेकिन ये आकार में बड़े होते हैं।