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Q: दुर्वासा ऋषि के क्रोधित हो जाने पर किसने उन्हें प्रसन्न किया?
  • A. शकुन्तला
  • B. अनसूया
  • C. प्रियंवदा
  • D. अनसूया एवं प्रियंवदा दोनों।
Correct Answer: Option C - दुर्वासा ऋषि शकुन्तला के आश्रम में पहुँचते हैं। उनसे भिक्षा माँगते हैं पर वह दुष्यन्त की याद में इतनी निमग्न थी कि उनकी आवाज का श्रवण नहीं कर पाती। इस पर क्रोधित होकर दुर्वासा उसे श्राप दे देते हैं कि अनन्य मन से जिसका तुम चिन्तन कर रही हो, तुम्हारे याद दिलाने पर भी वह तुम्हारा स्मरण नहीं कर पायेगा। यह सुनकर प्रियंवदा दौड़ी-दौड़ी आती है उनके चरणों पर गिरकर क्षमा याचना करती है जिसके कारण दिये गये श्राप में कुछ समाधान का उपाय दुर्वासा ऋषि बताते हैं।
C. दुर्वासा ऋषि शकुन्तला के आश्रम में पहुँचते हैं। उनसे भिक्षा माँगते हैं पर वह दुष्यन्त की याद में इतनी निमग्न थी कि उनकी आवाज का श्रवण नहीं कर पाती। इस पर क्रोधित होकर दुर्वासा उसे श्राप दे देते हैं कि अनन्य मन से जिसका तुम चिन्तन कर रही हो, तुम्हारे याद दिलाने पर भी वह तुम्हारा स्मरण नहीं कर पायेगा। यह सुनकर प्रियंवदा दौड़ी-दौड़ी आती है उनके चरणों पर गिरकर क्षमा याचना करती है जिसके कारण दिये गये श्राप में कुछ समाधान का उपाय दुर्वासा ऋषि बताते हैं।

Explanations:

दुर्वासा ऋषि शकुन्तला के आश्रम में पहुँचते हैं। उनसे भिक्षा माँगते हैं पर वह दुष्यन्त की याद में इतनी निमग्न थी कि उनकी आवाज का श्रवण नहीं कर पाती। इस पर क्रोधित होकर दुर्वासा उसे श्राप दे देते हैं कि अनन्य मन से जिसका तुम चिन्तन कर रही हो, तुम्हारे याद दिलाने पर भी वह तुम्हारा स्मरण नहीं कर पायेगा। यह सुनकर प्रियंवदा दौड़ी-दौड़ी आती है उनके चरणों पर गिरकर क्षमा याचना करती है जिसके कारण दिये गये श्राप में कुछ समाधान का उपाय दुर्वासा ऋषि बताते हैं।