Correct Answer:
Option B - दुष्यन्त: ‘धीरोदात्त:’ नायक: अस्ति। अर्थात् ‘दुष्यन्त’ अभिज्ञान-शाकुन्तलं नाटक में धीरोदात्त कोटि का नायक है, नायक विनयादि ‘नेता विनीतो मधुरस्त्यागी दक्ष: प्रियंवद रक्तलोक: शुचिर्वाग्मी रूढिवंश: स्थिरो युवा’ गुणों से सम्पन्न होता है, ये सामान्यत: (4) चार प्रकार के होते हैं-
(1) धीरोदात्त-महासत्वोऽतिगम्भीर: क्षमावानविकत्थन:।
स्थिरो निगूढाहज्ररो धीरोदात्तो दृढवृत:।। (दशरूपक)।।
राम, दुष्यन्त आदि।
(2) धीरोध्दत:- दर्पमात्सर्य भूयिष्ठो मायाच्छद्मपरायण:। (।।)
धीरोद्धतस्त्वहज्ररी चलश्चण्डो विकत्थन।।
भीम, परशुराम, लक्ष्मण आदि।
(3) धीरप्रशान्त - सामान्यगुणयुक्तस्तु धीरशान्तो द्विजादिक:।।
चारुदत्त, माधव आदि।
(4) धीरललित - निश्चिन्तो धीरललित: कलासक्त: सुखी मृदु:।।
उदयन आदि
B. दुष्यन्त: ‘धीरोदात्त:’ नायक: अस्ति। अर्थात् ‘दुष्यन्त’ अभिज्ञान-शाकुन्तलं नाटक में धीरोदात्त कोटि का नायक है, नायक विनयादि ‘नेता विनीतो मधुरस्त्यागी दक्ष: प्रियंवद रक्तलोक: शुचिर्वाग्मी रूढिवंश: स्थिरो युवा’ गुणों से सम्पन्न होता है, ये सामान्यत: (4) चार प्रकार के होते हैं-
(1) धीरोदात्त-महासत्वोऽतिगम्भीर: क्षमावानविकत्थन:।
स्थिरो निगूढाहज्ररो धीरोदात्तो दृढवृत:।। (दशरूपक)।।
राम, दुष्यन्त आदि।
(2) धीरोध्दत:- दर्पमात्सर्य भूयिष्ठो मायाच्छद्मपरायण:। (।।)
धीरोद्धतस्त्वहज्ररी चलश्चण्डो विकत्थन।।
भीम, परशुराम, लक्ष्मण आदि।
(3) धीरप्रशान्त - सामान्यगुणयुक्तस्तु धीरशान्तो द्विजादिक:।।
चारुदत्त, माधव आदि।
(4) धीरललित - निश्चिन्तो धीरललित: कलासक्त: सुखी मृदु:।।
उदयन आदि