Correct Answer:
Option B - सिलिका-यह ईंट की मिट्टी का मुख्य घटक है। बालू ईंट की सामथ्र्य बढ़ाता है और इसके कोनो व किनारों को मजबूती प्रदान करता है। सिलिका ईंट को सिकुड़ने तथा दरार पड़ने, टेढ़ा होने तथा फटने से रोकता है और ईंट सही आकार में ढ़ाली जा सकती है।
एल्युमिना (Alumina)–Aluminaमें बंधक पदार्थ के गुण होते हैं चिकनी मिट्टी सुघट्य होने के कारण बालू के कणों को जोड़े रखती है और ईंट को वांछित आकार देती है। ईंट मृदा में मृतिका व सिल्ट दोनों मिलाकर 50% से कम नहीं होनी चाहिए।
आयरन (Iron)-यह ईंट को अपना विशेष लाल रंग प्रदान करता है। आयरन की मात्रा 5% से अधिक होने पर ईंट का रंग काला नीला पड़ जाता है।
मैग्नीशिया- मैग्नीशिया ईंट को पीला रंग प्रदान करता है तथा संकुचन (Shrinkage) को कम करता है। ईंट में इसकी अधिकता से ईंट का क्षरण होने लगता है। यह भी गालक का कार्य करता है।
B. सिलिका-यह ईंट की मिट्टी का मुख्य घटक है। बालू ईंट की सामथ्र्य बढ़ाता है और इसके कोनो व किनारों को मजबूती प्रदान करता है। सिलिका ईंट को सिकुड़ने तथा दरार पड़ने, टेढ़ा होने तथा फटने से रोकता है और ईंट सही आकार में ढ़ाली जा सकती है।
एल्युमिना (Alumina)–Aluminaमें बंधक पदार्थ के गुण होते हैं चिकनी मिट्टी सुघट्य होने के कारण बालू के कणों को जोड़े रखती है और ईंट को वांछित आकार देती है। ईंट मृदा में मृतिका व सिल्ट दोनों मिलाकर 50% से कम नहीं होनी चाहिए।
आयरन (Iron)-यह ईंट को अपना विशेष लाल रंग प्रदान करता है। आयरन की मात्रा 5% से अधिक होने पर ईंट का रंग काला नीला पड़ जाता है।
मैग्नीशिया- मैग्नीशिया ईंट को पीला रंग प्रदान करता है तथा संकुचन (Shrinkage) को कम करता है। ईंट में इसकी अधिकता से ईंट का क्षरण होने लगता है। यह भी गालक का कार्य करता है।