निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सुमेलित नहीं है?
The rate of change of velocity is called?
Efficiency of full wave rectifier is two times than half wave rectifier its basic reason is ?पूर्ण-तरंग दिष्टकारी की दक्षता अर्द्ध-तरंग दिष्टकारी से दुगुनी होती है, इसका मूल कारण क्या है?
निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानां (प्रश्न संख्या 276-285) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: समुचितम्। उत्तरं चित्वा लिखत। अनादिकालात् प्रचलन्त्याम् अस्माकम् परम्परायां बहव: वैदिका: ऋषय: अभवन्। महर्षि: वसिष्ठ: महर्षि: विश्वामित्र: च वैदिक-कालीनौ ऋषी आस्ताम्। उचिते वयसि यथोचितं व्रतं पालयन्तौ तौ महान्तौ तपस्विनौ अभवताम्। योग्याद् गुरो: स्वाध्यायम् अधीयानौ तौ ज्ञानिनौ सञ्जातौ। एवं तयो: उभयो: पाश्र्वे तु ज्ञानस्य भण्डार एव आसीत्। अनयो: महर्षि: विश्वामित्र: स्वभावेन क्रोधी आसीत्। परन्तु उग्राणि तपांसि समाचरता तेन ब्रह्मर्षिषु स्थानं प्राप्तम्। प्रसिद्धं गायत्री-मन्त्रं समाजाय प्रयच्छता तेन अचिरात् प्रसिद्धि: लब्धा। जपत: जनान् अभीष्टफलं प्रददती गायत्रीलोके कामधेनुरूपेण प्रसिद्धं प्राप्तवती। मुक्तिं कामयमानौ: जनै: गायत्री-मन्त्रस्य शक्त्या भास्वत: सूर्यदेवात् सद्बुद्धि प्राथ्र्यते। महर्षि: वसिष्ठ: सततं ब्रह्म उपासीन: महतीं सिद्धि प्राप्तवान्। वसिष्ठेन मृत्युं वशीकुर्वत: महामृत्यृञ्जयमन्त्रस्य रचना कृता। एकदा सतसङ्ग तपश्चरणयो: मध्ये कतर: श्रेष्ठ: इति विषये विवाद: अभवत्। वसिष्ठ: सत्सङ्गस्य पक्षे आसीत्। विश्वामित्रस्य तु स्वतपस्यायाम् अभिमान: आसीत्। परस्परं विवादमानयो: एतयो: विवादे असमाहिते च तौ क्षीरसागरे भगवत: शेषनागस्य सविधे निर्णयार्थम् अगच्छताम्। शेषनाग: द्वयोर्मध्य सत्सङ्ग: एव श्रेयान् इत्युक्त्वा विवादस्य समाधानं कृतवान्।विश्वामित्रेण महर्षे: पदं कथं लब्धम्?
निर्देश (61-69): निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। गाँवों और शहरों में रहते हुए मनुष्य अपने ग्रह के मूल स्वरूप को प्राय: भूल बैठा है। इसका सही अंदाज तभी लग सकता है जब वह किसी लंबी समुद्री यात्रा पर निकल जाए। चारों ओर पानी ही पानी, पानी का अनंत विस्तार। तब पहली बार उसके सामने यह तथ्य उजागर होता है कि उसकी दुनिया पानी की दुनिया है। वह एक ऐसे ग्रह पर निवास करता है, जिस पर पानी का आधिपत्य है। समुद्र ही अपने पानी को साफ करके, उसका खारापन दूर करके हमें भेजता है। अगर वह पानी भेजना बंद कर दे तो जीवन समाप्त हो जाएगा। वह आज भी हमारा पालन-पोषण कर रहा है। ऐसा नहीं है कि समुद्र (मंथन) से एक ही बार अमृत निकला था। अमृत हर बर निकलता है और वर्षा के रूप में पूरी धरती पर बरसता है। सूर्य की गरमी से तपकर समुद्र का पानी भाप बनता है। निराकार भाप ऊपर जाकर साकार बादल में ढल जाता है। इन बादलों को मानसून की हवाएँ बहुत दूर की जगहों तक ले जाती हैं। जब ऊँचे पहाड़ों या घने जंगलों तक मानसून पहुँचता है तो वहाँ की ठंडक पाकर ठहर जाता है। पहाड़ और वन मानो कहते हैं कि अब से तुम्हारी बाट जोह रहे हैं। पानी बनकर तप्त धरा को तृप्त करो। नवजीवन का संचार करो। मनुष्य की दुनिया पानी की दुनिया है। ऐसा क्यों कहा गया है?
राष्ट्रीय चैम्बर ऑफ उद्योग एवं वाणिज्य, उ.प्र. स्थित है-
Which type of soil is most suitable for construction material? निर्माण सामग्री के लिए किस प्रकार की मृदा सबसे उपयुक्त है?
Which of the following statements are true about Changpa (A) Changpa are nomadic people (B) Goats are their most important treasure (C) This tribe is used to staying at a single place (D) Changpa rear special kind of goats from whom the world famous Pashmina wool is made
Which of the following types of groups can be formed in multi-grade situation ? बहु-कक्षा स्थिति में निम्नलिखित में से किस प्रकार के समूह बनाए जा सकते हैं? I. Grade- based Grouping I. ग्रेड-आधारित समूहीकरण II. Ability - based grouping II. योग्यता आधारित समूहीकरण
Which character do art belong to The Bachelor of Arts?
Explanations:
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