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Q: The commutator in an electric motor is used to: विद्युत मोटर में कम्यूटेटर का उपयोग निम्न के लिए किया जाता है:
  • A. change the direction of the magnetic field/चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा बदलना
  • B. maintain the magnetic field in the circuit/परिपथ में चुम्बकीय क्षेत्र को बनाए रखना
  • C. reverse the direction of current flowing through the coil/कुण्डली से प्रवाहित धारा की दिशा को उलटना
  • D. maintain the potential difference in the circuit/परिपथ में विभवांतर को बनाए रखना
Correct Answer: Option C - एक इलेक्ट्रिक मोटर में कम्यूटेटर का मुख्य कार्य कुण्डली में बहने वाली धारा की दिशा को उलटना होता है। कम्यूटेटर एक स्प्लिट रिंग होते है, जो आर्मेचर शाफ्ट से जुड़ा होता है। यह कार्बन ब्रश के एक सेट के साथ सम्पर्क बनाता है। जब कुण्डली घूमता है तो कम्यूटेटर ब्रश के सम्पर्क से अलग हो कर दूसरी तरफ से सम्पर्क बनाता है। यह कुण्डली में धारा की दिशा को उलट देता है। धारा की दिशा में परिवर्तन के कारण कुण्डली पर बल की दिशा भी बदल जाती है, जिससे कुण्डली का निरंतर रोटेशन बना रहता है।
C. एक इलेक्ट्रिक मोटर में कम्यूटेटर का मुख्य कार्य कुण्डली में बहने वाली धारा की दिशा को उलटना होता है। कम्यूटेटर एक स्प्लिट रिंग होते है, जो आर्मेचर शाफ्ट से जुड़ा होता है। यह कार्बन ब्रश के एक सेट के साथ सम्पर्क बनाता है। जब कुण्डली घूमता है तो कम्यूटेटर ब्रश के सम्पर्क से अलग हो कर दूसरी तरफ से सम्पर्क बनाता है। यह कुण्डली में धारा की दिशा को उलट देता है। धारा की दिशा में परिवर्तन के कारण कुण्डली पर बल की दिशा भी बदल जाती है, जिससे कुण्डली का निरंतर रोटेशन बना रहता है।

Explanations:

एक इलेक्ट्रिक मोटर में कम्यूटेटर का मुख्य कार्य कुण्डली में बहने वाली धारा की दिशा को उलटना होता है। कम्यूटेटर एक स्प्लिट रिंग होते है, जो आर्मेचर शाफ्ट से जुड़ा होता है। यह कार्बन ब्रश के एक सेट के साथ सम्पर्क बनाता है। जब कुण्डली घूमता है तो कम्यूटेटर ब्रश के सम्पर्क से अलग हो कर दूसरी तरफ से सम्पर्क बनाता है। यह कुण्डली में धारा की दिशा को उलट देता है। धारा की दिशा में परिवर्तन के कारण कुण्डली पर बल की दिशा भी बदल जाती है, जिससे कुण्डली का निरंतर रोटेशन बना रहता है।