Correct Answer:
Option A - स्थिर वैद्युत बल के कारण विद्युत आवेश एक दूसरे को आकर्षित एवं प्रतिकर्षित करते हैं। एक आवेशित वस्तु द्वारा किसी अन्य आवेशित या अनावेशित वस्तु पर लगाया गया बल स्थिर वैद्युत बल कहलाता है।
∎ वह मंदनकारी बल जो गैसीय तरल में गतिमान पिंड पर कार्य करता है और जिनकी दिशा पिंड की गति दिशा के समांतर होती है। यह बल पिंड या लगे रहे कुल तरल बल का एक घटक होता है। इसे वायु गतिक प्रतिरोध भी कहा जाता है।
∎ परमाणु के नाभिक में स्थित प्रोटानों तथा न्यूट्रानों के बीच लगने वाला बल नाभिकीय बल कहलाता है।
∎ पृथ्वी जिस बल से किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है या जो बल वस्तु पर पृथ्वी द्वारा लगाया जाता है, गुरुत्वीय बल कहलाता है।
A. स्थिर वैद्युत बल के कारण विद्युत आवेश एक दूसरे को आकर्षित एवं प्रतिकर्षित करते हैं। एक आवेशित वस्तु द्वारा किसी अन्य आवेशित या अनावेशित वस्तु पर लगाया गया बल स्थिर वैद्युत बल कहलाता है।
∎ वह मंदनकारी बल जो गैसीय तरल में गतिमान पिंड पर कार्य करता है और जिनकी दिशा पिंड की गति दिशा के समांतर होती है। यह बल पिंड या लगे रहे कुल तरल बल का एक घटक होता है। इसे वायु गतिक प्रतिरोध भी कहा जाता है।
∎ परमाणु के नाभिक में स्थित प्रोटानों तथा न्यूट्रानों के बीच लगने वाला बल नाभिकीय बल कहलाता है।
∎ पृथ्वी जिस बल से किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है या जो बल वस्तु पर पृथ्वी द्वारा लगाया जाता है, गुरुत्वीय बल कहलाता है।