Correct Answer:
Option A - किसी स्थान पर भौगोलिक व चुम्बकीय याम्योत्तरों के बीच के क्षैतिज कोण (Horizontal angle) को चुम्बकीय दिक्पात (Magnetic declination) या दिक्पात (Declination) कहते है।
∎ एक संतुलित सूचिका का पृथ्वी के चुम्बकीय प्रभाव के कारण क्षैतिज से झुकाव को नति (Dip) कहते है। विषुवत रेखा (Equator) पर नति शून्य (00) और धु्रवों (Poles) पर नति 900 हो जाता है।
∎ सत्य याम्योत्तर में कोई रेखा जो क्षैतिज कोण बनाती है, वह कोण उस रेखा का सत्य दिक्मान (True bearing) कहलाता है।
∎ चुम्बकीय याम्योत्तर तथा किसी सर्वेक्षण रेखा के मध्य बनने वाले क्षैतिज कोण को, उस रेखा का चुम्बकीय दिक्मान (Magnetic bearing) कहते है।
A. किसी स्थान पर भौगोलिक व चुम्बकीय याम्योत्तरों के बीच के क्षैतिज कोण (Horizontal angle) को चुम्बकीय दिक्पात (Magnetic declination) या दिक्पात (Declination) कहते है।
∎ एक संतुलित सूचिका का पृथ्वी के चुम्बकीय प्रभाव के कारण क्षैतिज से झुकाव को नति (Dip) कहते है। विषुवत रेखा (Equator) पर नति शून्य (00) और धु्रवों (Poles) पर नति 900 हो जाता है।
∎ सत्य याम्योत्तर में कोई रेखा जो क्षैतिज कोण बनाती है, वह कोण उस रेखा का सत्य दिक्मान (True bearing) कहलाता है।
∎ चुम्बकीय याम्योत्तर तथा किसी सर्वेक्षण रेखा के मध्य बनने वाले क्षैतिज कोण को, उस रेखा का चुम्बकीय दिक्मान (Magnetic bearing) कहते है।