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Q: The human blood consists of मानव रक्त में होते हैं–
  • A. negatively charged colloidal particles ऋणात्मक रूप से आवेशित कोलॉइडी कण
  • B. positively charged colloidal particles धनात्मक रूप से आवेशित कोलॉइडी कण
  • C. Zwitter-ionic charged particles ज्विटर-आयनीय आवेशित कण
  • D. neutral particles उदासीन कण
Correct Answer: Option A - मानव रक्त में ऋणात्मक रूप से आवेशित कोलाइडी कण पाये जाते हैं। शरीर में किसी स्थान पर चोट लग जाने पर जब खून बहने लगता है तो इस स्थान पर फेरिक क्लोराइड या फिटकरी लगाकर खून का बहना रोका जा सकता है। फेरिक क्लोराइड में फेरिक आयन तथा फिटकरी में ऐलुमिनियम आयन होते हैं। ये धनायन रूधिर के ऋणात्मक कोलाइडी कणों का स्कन्दन कर देते हैं। स्कन्दन के फलस्वरूप खून का बहना रूक जाता है। अधिक चोट लग जाने पर खून के बहने के रोकने की यह विधि प्रभावी नहीं होती है।
A. मानव रक्त में ऋणात्मक रूप से आवेशित कोलाइडी कण पाये जाते हैं। शरीर में किसी स्थान पर चोट लग जाने पर जब खून बहने लगता है तो इस स्थान पर फेरिक क्लोराइड या फिटकरी लगाकर खून का बहना रोका जा सकता है। फेरिक क्लोराइड में फेरिक आयन तथा फिटकरी में ऐलुमिनियम आयन होते हैं। ये धनायन रूधिर के ऋणात्मक कोलाइडी कणों का स्कन्दन कर देते हैं। स्कन्दन के फलस्वरूप खून का बहना रूक जाता है। अधिक चोट लग जाने पर खून के बहने के रोकने की यह विधि प्रभावी नहीं होती है।

Explanations:

मानव रक्त में ऋणात्मक रूप से आवेशित कोलाइडी कण पाये जाते हैं। शरीर में किसी स्थान पर चोट लग जाने पर जब खून बहने लगता है तो इस स्थान पर फेरिक क्लोराइड या फिटकरी लगाकर खून का बहना रोका जा सकता है। फेरिक क्लोराइड में फेरिक आयन तथा फिटकरी में ऐलुमिनियम आयन होते हैं। ये धनायन रूधिर के ऋणात्मक कोलाइडी कणों का स्कन्दन कर देते हैं। स्कन्दन के फलस्वरूप खून का बहना रूक जाता है। अधिक चोट लग जाने पर खून के बहने के रोकने की यह विधि प्रभावी नहीं होती है।