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Q: The initial Juvenile Justice Act, 1986 of India defined a boy child ....... as a Juvenile. भारत के प्रारंभिक किशोर न्याय अधिनिमय, 1986 में एक लड़के को ______को किशोर के रूप में परभिाषित किया।
  • A. below 16 years of age/16 वर्ष से कम
  • B. below 10 years of age/10 वर्ष से कम
  • C. below 12 years of age/12 वर्ष से कम
  • D. between 5-10 years of age/5-10 साल की उम्र के बीच
Correct Answer: Option A - भारत के प्रारंभिक किशोर न्याय अधिनियम, 1986 में कानूनी दृष्टिकोण से बाल अपराध 8 वर्ष से अधिक तथा 16 वर्ष से कम आयु के बालक द्वारा किया गया कानूनी विरोधी कार्य है जिसे कानूनी कार्यवाही के लिये बाल न्यायालय के समक्ष उपस्थित किया जाता है। भारत में बाल न्याय अधिनियम 1986 (संशोधित, 2000) के अनुसार 16 वर्ष तक की आयु के लड़कों एवं 18 वर्ष तक की आयु की लड़कियों के अपराध करने पर बाल अपराधी की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।
A. भारत के प्रारंभिक किशोर न्याय अधिनियम, 1986 में कानूनी दृष्टिकोण से बाल अपराध 8 वर्ष से अधिक तथा 16 वर्ष से कम आयु के बालक द्वारा किया गया कानूनी विरोधी कार्य है जिसे कानूनी कार्यवाही के लिये बाल न्यायालय के समक्ष उपस्थित किया जाता है। भारत में बाल न्याय अधिनियम 1986 (संशोधित, 2000) के अनुसार 16 वर्ष तक की आयु के लड़कों एवं 18 वर्ष तक की आयु की लड़कियों के अपराध करने पर बाल अपराधी की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।

Explanations:

भारत के प्रारंभिक किशोर न्याय अधिनियम, 1986 में कानूनी दृष्टिकोण से बाल अपराध 8 वर्ष से अधिक तथा 16 वर्ष से कम आयु के बालक द्वारा किया गया कानूनी विरोधी कार्य है जिसे कानूनी कार्यवाही के लिये बाल न्यायालय के समक्ष उपस्थित किया जाता है। भारत में बाल न्याय अधिनियम 1986 (संशोधित, 2000) के अनुसार 16 वर्ष तक की आयु के लड़कों एवं 18 वर्ष तक की आयु की लड़कियों के अपराध करने पर बाल अपराधी की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।