Correct Answer:
Option A - भारतीय संविधान में अनुच्छेद 93 के तहत लोकसभा का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा अनुच्छेद 89 के तहत राज्यसभा के सभापति और उपसभापति का प्रावधान है। विधायिका में अध्यक्ष पद का प्रावधान ब्रिटेन के संविधान से ग्रहण किया गया है परन्तु दोनों के प्रावधानों में अंतर है। ब्रिटेन में विधायिका के अध्यक्ष को आवश्यक रूप से किसी दल का सदस्य नहीं होना चाहिए। ऐसी परंपरा है कि अध्यक्ष को अपने दल से त्यागपत्र देना पड़ता है और वह राजनीतिक रूप से तटस्थ रहता है। भारत में अध्यक्ष अपने दल की सदस्यता नहीं त्यागता है। विधायिका में अध्यक्ष अपने सदन के प्रतिनिधियों का मुखिया होता है और सदस्यों की शक्तियों व विशेषाधिकारों का संरक्षक होता है।
A. भारतीय संविधान में अनुच्छेद 93 के तहत लोकसभा का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष तथा अनुच्छेद 89 के तहत राज्यसभा के सभापति और उपसभापति का प्रावधान है। विधायिका में अध्यक्ष पद का प्रावधान ब्रिटेन के संविधान से ग्रहण किया गया है परन्तु दोनों के प्रावधानों में अंतर है। ब्रिटेन में विधायिका के अध्यक्ष को आवश्यक रूप से किसी दल का सदस्य नहीं होना चाहिए। ऐसी परंपरा है कि अध्यक्ष को अपने दल से त्यागपत्र देना पड़ता है और वह राजनीतिक रूप से तटस्थ रहता है। भारत में अध्यक्ष अपने दल की सदस्यता नहीं त्यागता है। विधायिका में अध्यक्ष अपने सदन के प्रतिनिधियों का मुखिया होता है और सदस्यों की शक्तियों व विशेषाधिकारों का संरक्षक होता है।