Correct Answer:
Option A - भारतीय संविधान में सार्वभौमिक मताधिकार की शुरुआत को संविधान सभा द्वारा बिना कोई बहस के पारित किया गया था। इसमें बिना किसी भेदभाव के एक निश्चित उम्र प्राप्त करने के उपरान्त मताधिकार सबको प्राप्त हो जाता है।
A. भारतीय संविधान में सार्वभौमिक मताधिकार की शुरुआत को संविधान सभा द्वारा बिना कोई बहस के पारित किया गया था। इसमें बिना किसी भेदभाव के एक निश्चित उम्र प्राप्त करने के उपरान्त मताधिकार सबको प्राप्त हो जाता है।