Correct Answer:
Option A - धरन में सबसे उपयुक्त काट I - खण्ड है क्योंकि यह निम्न अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के साथ अक्ष के परित: अधिक जड़त्व आघूर्ण प्रदान करता है।
■ किसी अन्य खण्ड की तुलना में I - खण्ड उच्च खण्ड मापांक प्रदान करता है और इस प्रकार अन्य खण्डों की तुलना में बेहतर पार्श्व स्थिरता प्रदान करता है।
■ जब विस्तृति अधिक होती है अथवा धरन पर भार अधिक आता है तब धरन के लिए ऐसे खण्ड की आवश्यकता है, जिसका प्रतिरोध अधिक होता है।
बेल्लित इस्पात I - खण्ड को आमतौर पर धरन के रूप में प्रयोग किया जा सकता है क्योंकि वे निम्न अनुप्रस्थ काट के साथ अधिक जड़त्व आघूर्ण, अधिक प्रतिरोध आघूर्ण और अधिक पार्श्व स्थिरता प्रदान करते है।
A. धरन में सबसे उपयुक्त काट I - खण्ड है क्योंकि यह निम्न अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के साथ अक्ष के परित: अधिक जड़त्व आघूर्ण प्रदान करता है।
■ किसी अन्य खण्ड की तुलना में I - खण्ड उच्च खण्ड मापांक प्रदान करता है और इस प्रकार अन्य खण्डों की तुलना में बेहतर पार्श्व स्थिरता प्रदान करता है।
■ जब विस्तृति अधिक होती है अथवा धरन पर भार अधिक आता है तब धरन के लिए ऐसे खण्ड की आवश्यकता है, जिसका प्रतिरोध अधिक होता है।
बेल्लित इस्पात I - खण्ड को आमतौर पर धरन के रूप में प्रयोग किया जा सकता है क्योंकि वे निम्न अनुप्रस्थ काट के साथ अधिक जड़त्व आघूर्ण, अधिक प्रतिरोध आघूर्ण और अधिक पार्श्व स्थिरता प्रदान करते है।