Correct Answer:
Option B - बट वेल्ड (Butt weld)– बट वेल्ड में दोनों प्लेटों के किनारों को (जो जुड़ने वाले है) एक-दूसरे में सटाकर एक ही समतल में रखा जाता है और वेल्ड किया जाता है।
किसी भी संरचना का सबसे कमजोर भार उसका जोड़ होता है। यदि जोड़ विफल हो जाता है तो संपूर्ण संरचना विफल हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए अभिकल्पन में जोड़ (वोल्टेड, रिवेटेड या वेल्डेड) की सामर्थ्य हमेशा उपांग की सामर्थ्य के बराबर तथा वेल्डेड पदार्थ की सामर्थ्य उपांग की सामर्थ्य से अधिक होती है।
B. बट वेल्ड (Butt weld)– बट वेल्ड में दोनों प्लेटों के किनारों को (जो जुड़ने वाले है) एक-दूसरे में सटाकर एक ही समतल में रखा जाता है और वेल्ड किया जाता है।
किसी भी संरचना का सबसे कमजोर भार उसका जोड़ होता है। यदि जोड़ विफल हो जाता है तो संपूर्ण संरचना विफल हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए अभिकल्पन में जोड़ (वोल्टेड, रिवेटेड या वेल्डेड) की सामर्थ्य हमेशा उपांग की सामर्थ्य के बराबर तथा वेल्डेड पदार्थ की सामर्थ्य उपांग की सामर्थ्य से अधिक होती है।