Correct Answer:
Option B - टरजागी के एक-विमीय संघनन सिद्धांत की मान्यताएं निम्न हैं–
(i) मृदा समांगी हो।
(ii) मृदा पूर्णरूप से संतृप्त हो।
(iii) डार्सी का नियम मान्य हो।
(iv) मृदा का विरूपण लागू भार के केवल एक ही दिशा में होता है।
(v) संघनन के दौरान संघनन का गुणांक स्थिर होता है।
(vi) मृदा की परत का संपीडन केवल आयतन में परिवर्तन के कारण होता है।
B. टरजागी के एक-विमीय संघनन सिद्धांत की मान्यताएं निम्न हैं–
(i) मृदा समांगी हो।
(ii) मृदा पूर्णरूप से संतृप्त हो।
(iii) डार्सी का नियम मान्य हो।
(iv) मृदा का विरूपण लागू भार के केवल एक ही दिशा में होता है।
(v) संघनन के दौरान संघनन का गुणांक स्थिर होता है।
(vi) मृदा की परत का संपीडन केवल आयतन में परिवर्तन के कारण होता है।