Correct Answer:
Option C - ‘‘वस्तु स्थायित्व’’ की अवधारणा जीन पियाजे के संवेदिक पेशीय अवस्था की एक महत्वपूर्ण खोज है, क्योंकि प्रारम्भिक शिशुवस्था के दौरान चीजें अस्तित्व से गायब नहीं होती, दृष्टि में न होने पर भी।
वस्तु स्थायित्व की अवस्था को समझने से बच्चों में यह समझ विकसित होती है कि वस्तु तब भी अस्तित्व में रहती है जब उन्हें देखा और छुआ नहीं जा सकता है। इस अवस्था में शिशु अपनी इंद्रियों के साथ-साथ, वस्तुओं के साथ शारीरिक सम्बन्ध (पकड़ने, चूसने और कदम रखने) का उपयोग करके दुनिया के बोध का निर्माण करते है।
C. ‘‘वस्तु स्थायित्व’’ की अवधारणा जीन पियाजे के संवेदिक पेशीय अवस्था की एक महत्वपूर्ण खोज है, क्योंकि प्रारम्भिक शिशुवस्था के दौरान चीजें अस्तित्व से गायब नहीं होती, दृष्टि में न होने पर भी।
वस्तु स्थायित्व की अवस्था को समझने से बच्चों में यह समझ विकसित होती है कि वस्तु तब भी अस्तित्व में रहती है जब उन्हें देखा और छुआ नहीं जा सकता है। इस अवस्था में शिशु अपनी इंद्रियों के साथ-साथ, वस्तुओं के साथ शारीरिक सम्बन्ध (पकड़ने, चूसने और कदम रखने) का उपयोग करके दुनिया के बोध का निर्माण करते है।