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Q: The unirrigated fertile land is called in Uttarakhand : उत्तराखण्ड में असिंचित उपजाऊ भूमि कहलाती है:
  • A. Upraon Abbal/उपराऊँ अब्बल
  • B. Upraon Doyam/उपराऊँ दोयम-
  • C. Talaon Abbal/तलाऊँ अब्बल
  • D. Talaon Doyam/तलाऊँ दोयम
Correct Answer: Option A - उत्तराखंड में असिंचित उपजाऊ भूमि ‘उपराऊँ अब्बल’ कहलाती है। उत्तराखण्ड में कृषि भूमि निम्न प्रकार की पाई जाती है- (1) उपराऊँ भूमि- यह असिंचित भूमि उपरी भागों में मिलती है। इसे दो वर्गों में बांटा गया है- उपराऊँ अब्बल तथा उपराऊँ दोयम। उपराऊँ अब्बल, उपराऊँ दोयम से डेढ़ गुना अच्छी होती है। (2) तलाऊँ भूमि घाटी के तलों में मिलती है, जहाँ सिंचाई की अच्छी व्यवस्था होती है। यह भूमि उपराऊँ भूमि से तीन गुना अच्छी मानी जाती है। (3) इजरान- वनों के बीच या किनारों की अपरिपक्व, पथरीली भूमि को इजरान कहते हैं।
A. उत्तराखंड में असिंचित उपजाऊ भूमि ‘उपराऊँ अब्बल’ कहलाती है। उत्तराखण्ड में कृषि भूमि निम्न प्रकार की पाई जाती है- (1) उपराऊँ भूमि- यह असिंचित भूमि उपरी भागों में मिलती है। इसे दो वर्गों में बांटा गया है- उपराऊँ अब्बल तथा उपराऊँ दोयम। उपराऊँ अब्बल, उपराऊँ दोयम से डेढ़ गुना अच्छी होती है। (2) तलाऊँ भूमि घाटी के तलों में मिलती है, जहाँ सिंचाई की अच्छी व्यवस्था होती है। यह भूमि उपराऊँ भूमि से तीन गुना अच्छी मानी जाती है। (3) इजरान- वनों के बीच या किनारों की अपरिपक्व, पथरीली भूमि को इजरान कहते हैं।

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उत्तराखंड में असिंचित उपजाऊ भूमि ‘उपराऊँ अब्बल’ कहलाती है। उत्तराखण्ड में कृषि भूमि निम्न प्रकार की पाई जाती है- (1) उपराऊँ भूमि- यह असिंचित भूमि उपरी भागों में मिलती है। इसे दो वर्गों में बांटा गया है- उपराऊँ अब्बल तथा उपराऊँ दोयम। उपराऊँ अब्बल, उपराऊँ दोयम से डेढ़ गुना अच्छी होती है। (2) तलाऊँ भूमि घाटी के तलों में मिलती है, जहाँ सिंचाई की अच्छी व्यवस्था होती है। यह भूमि उपराऊँ भूमि से तीन गुना अच्छी मानी जाती है। (3) इजरान- वनों के बीच या किनारों की अपरिपक्व, पथरीली भूमि को इजरान कहते हैं।