Correct Answer:
Option A - थियोग्लाइकोलिक अम्ल का उपयोग लौह (Iron) के सीमान्त परीक्षण में किया जाता है।
थियोग्लाइकोलिक अम्ल कार्बनिक यौगिक HSCH₂CO₂H है। थियोग्लाइकोलिक अम्ल को अक्सर मर्केप्टोएसिटिक अम्ल कहा जाता है।
इसमें थियोल और कार्बोक्जिलिक अम्ल कार्यात्मक समूह दोनों शामिल हैं।
यह एक रंगहीन तरल है।
इसमें तीव्र अप्रिय गंध होती है।
IUPAC नाम – सल्फानिलैसिटिक एसिड
थियोग्लाइकोलिक एसिड को साइट्रिक अम्ल भी कहा जाता है। साइट्रिक अम्ल एक कीलेटिंग एजेंट (Chelating Agent) के रूप में कार्य करता है। यह आयरन को बांधकर घुलनशील कॉम्पलेक्स बनाता है।
A. थियोग्लाइकोलिक अम्ल का उपयोग लौह (Iron) के सीमान्त परीक्षण में किया जाता है।
थियोग्लाइकोलिक अम्ल कार्बनिक यौगिक HSCH₂CO₂H है। थियोग्लाइकोलिक अम्ल को अक्सर मर्केप्टोएसिटिक अम्ल कहा जाता है।
इसमें थियोल और कार्बोक्जिलिक अम्ल कार्यात्मक समूह दोनों शामिल हैं।
यह एक रंगहीन तरल है।
इसमें तीव्र अप्रिय गंध होती है।
IUPAC नाम – सल्फानिलैसिटिक एसिड
थियोग्लाइकोलिक एसिड को साइट्रिक अम्ल भी कहा जाता है। साइट्रिक अम्ल एक कीलेटिंग एजेंट (Chelating Agent) के रूप में कार्य करता है। यह आयरन को बांधकर घुलनशील कॉम्पलेक्स बनाता है।