Correct Answer:
Option C - विशिष्ट शिक्षा से तात्पर्य अलग विद्यालयों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा है। इसका प्रयोग सामान्यत: उन बच्चों के लिए किया जाता है, जो विकलांगता से ग्रस्त हो, ये विकलांगता अधिक अंग हानियों से पैदा होती है।
‘कर्क’ के अनुसार, ‘‘विशिष्ट शिक्षा शब्द शिक्षा के उन पहलुओं को इंगित करता है जिसे विकलांग एवं प्रतिभाशाली बच्चों के लिए किया जाता है लेकिन औसत बालकों के मामले में यह प्रयुक्त नहीं होता है।’’ इस प्रकार की शिक्षा प्रदान करने वाले विद्यालयों के प्रांगण का आर्किटेक्ट सामान्य विद्यालय की तुलना में थोड़ा अलग बना होता है। शारीरिक रूप से अक्षम बालकों के लिए विशेषकर विकलांग बालक के चलने के लिए रैंप बनवाना, स्वयंसेवकों की नियुक्ति करना, सीढि़यों में छोटे कदम बनवाना ताकि ऐसे छात्र प्रांगण में गिरने से बच सकें। यह तीनों कथन (I), (II), (III) सही है।
C. विशिष्ट शिक्षा से तात्पर्य अलग विद्यालयों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा है। इसका प्रयोग सामान्यत: उन बच्चों के लिए किया जाता है, जो विकलांगता से ग्रस्त हो, ये विकलांगता अधिक अंग हानियों से पैदा होती है।
‘कर्क’ के अनुसार, ‘‘विशिष्ट शिक्षा शब्द शिक्षा के उन पहलुओं को इंगित करता है जिसे विकलांग एवं प्रतिभाशाली बच्चों के लिए किया जाता है लेकिन औसत बालकों के मामले में यह प्रयुक्त नहीं होता है।’’ इस प्रकार की शिक्षा प्रदान करने वाले विद्यालयों के प्रांगण का आर्किटेक्ट सामान्य विद्यालय की तुलना में थोड़ा अलग बना होता है। शारीरिक रूप से अक्षम बालकों के लिए विशेषकर विकलांग बालक के चलने के लिए रैंप बनवाना, स्वयंसेवकों की नियुक्ति करना, सीढि़यों में छोटे कदम बनवाना ताकि ऐसे छात्र प्रांगण में गिरने से बच सकें। यह तीनों कथन (I), (II), (III) सही है।