Correct Answer:
Option D - पुरातात्विक अवशेषों के आधार पर प्राप्त मृदभाण्डों के द्वारा सभ्यताओं को तिथिक्रम प्रदान करने का प्रयत्न किया गया है यथा ऋग्वैदिक संस्कृति से मेल खाने वाली संस्कृतियाँ हैं - 1. काले एवं लाल मृदभाण्ड, 2.ताम्रपुंज, 3. गेरुवर्णी मृदभांड। चित्रित धूसर मृदभांड (P.G.W.) का क्षेत्र पश्चमी उत्तर प्रदेश है, जो कि उत्तरवैदिक काल को इंगित करता है, इस समय लोहे का व्यापक उपयोग प्रारम्भ हो चुका था।
D. पुरातात्विक अवशेषों के आधार पर प्राप्त मृदभाण्डों के द्वारा सभ्यताओं को तिथिक्रम प्रदान करने का प्रयत्न किया गया है यथा ऋग्वैदिक संस्कृति से मेल खाने वाली संस्कृतियाँ हैं - 1. काले एवं लाल मृदभाण्ड, 2.ताम्रपुंज, 3. गेरुवर्णी मृदभांड। चित्रित धूसर मृदभांड (P.G.W.) का क्षेत्र पश्चमी उत्तर प्रदेश है, जो कि उत्तरवैदिक काल को इंगित करता है, इस समय लोहे का व्यापक उपयोग प्रारम्भ हो चुका था।