Correct Answer:
Option D - घर्षण को कम करने के लिए इंजन के पुर्जों में स्नेहन का प्रयोग किया जाता है। गाडि़यों में स्नेहन करना अति आवश्यक है।
स्नेहन की विशेषताएँ–
(i) गतिशील भागों की सम्पर्क सतहो के बीच घर्षण कम करने के लिए तथा गति में प्रतिरोध समाप्त करने के लिए।
(ii) सतहो की टूट फूट कम करना तथा पार्टस की जीवन अवधि बढ़ाना।
(iii) गतिशील भागों पर जमी अशुद्धियों को दूर करना।
(iv) कंपन और झटको के विरुद्ध भागों को कुशन प्रभाव प्रदान करना।
(v) ईधन में उत्पन्न ध्वनि को कम करना।
D. घर्षण को कम करने के लिए इंजन के पुर्जों में स्नेहन का प्रयोग किया जाता है। गाडि़यों में स्नेहन करना अति आवश्यक है।
स्नेहन की विशेषताएँ–
(i) गतिशील भागों की सम्पर्क सतहो के बीच घर्षण कम करने के लिए तथा गति में प्रतिरोध समाप्त करने के लिए।
(ii) सतहो की टूट फूट कम करना तथा पार्टस की जीवन अवधि बढ़ाना।
(iii) गतिशील भागों पर जमी अशुद्धियों को दूर करना।
(iv) कंपन और झटको के विरुद्ध भागों को कुशन प्रभाव प्रदान करना।
(v) ईधन में उत्पन्न ध्वनि को कम करना।