Correct Answer:
Option B - ज्ञानविज्ञानयो: क्षेत्रे समृद्धिं प्राप्तुं मैत्रीभावना अपेक्षिता भवति।
अर्थात् ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में समृद्धि को प्राप्त करने के लिए मैत्रीभावना (मित्रतापूर्ण भावना) अपेक्षित होती है। सभी देश ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में मैत्रीपूर्ण भावना के सहयोग से ही समृद्धि और सामर्थ्य को प्राप्त कर सकेंगे।
B. ज्ञानविज्ञानयो: क्षेत्रे समृद्धिं प्राप्तुं मैत्रीभावना अपेक्षिता भवति।
अर्थात् ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में समृद्धि को प्राप्त करने के लिए मैत्रीभावना (मित्रतापूर्ण भावना) अपेक्षित होती है। सभी देश ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में मैत्रीपूर्ण भावना के सहयोग से ही समृद्धि और सामर्थ्य को प्राप्त कर सकेंगे।