Correct Answer:
Option B - उत्तररामचरिते ‘मैत्रावरुणि:’ पदं वसिष्ठस्य कृते प्रयुक्तम् अर्थात् उत्तररामचरितम् नाटक में ‘मैत्रावरुणि:’ महिर्ष वशिष्ठ के लिए कहा गया है। उत्तररामचरितम् भवभूति का 7 अङ्को में विभक्त प्रसिद्ध नाटक है।
B. उत्तररामचरिते ‘मैत्रावरुणि:’ पदं वसिष्ठस्य कृते प्रयुक्तम् अर्थात् उत्तररामचरितम् नाटक में ‘मैत्रावरुणि:’ महिर्ष वशिष्ठ के लिए कहा गया है। उत्तररामचरितम् भवभूति का 7 अङ्को में विभक्त प्रसिद्ध नाटक है।