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Q: वह प्रक्रिया जिसमें एक बच्ची अपने माता-पिता, समकक्षी व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों से अंत: क्रिया करके सामाजिक कौशल, विचार व मूल्य सीखती है __________ कहलाती है।
  • A. पाड़
  • B. सामाजीकरण
  • C. अधिसंज्ञान
  • D. एकीकरण
Correct Answer: Option B - वह प्रक्रिया जिसमें एक बच्ची अपने माता-पिता, समकक्षी व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों से अन्त:क्रिया करके सामाजिक कौशल, विचार व मूल्य सीखती है समाजीकरण कहलाती है। समाजीकरण लोगों को इसके मानदंडों और अपेक्षाओं को सिखाकर एक सामाजिक समूह में भाग लेने के लिए तैयार करता है। समाजीकरण के तीन प्राथमिक लक्ष्य हैं : आवेग नियंत्रण सीखना, विवेक विकसित करना, लोगों को कुछ सामाजिक भूमिकाएँ निभाने के लिए तैयार करना और अर्थ व मूल्य के साझा स्त्रोतों की खेती करना। इसके द्वारा व्यक्ति समाज में, संस्कृति, आदर्श, मूल्य और परम्परा के अनुरूप व्यवहार करना सीखता है। चलना, बोलना, खाना, कपड़ा पहनना, पढ़ना लिखना आदि क्रियाएँ व्यक्ति समाज में सीखता है।
B. वह प्रक्रिया जिसमें एक बच्ची अपने माता-पिता, समकक्षी व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों से अन्त:क्रिया करके सामाजिक कौशल, विचार व मूल्य सीखती है समाजीकरण कहलाती है। समाजीकरण लोगों को इसके मानदंडों और अपेक्षाओं को सिखाकर एक सामाजिक समूह में भाग लेने के लिए तैयार करता है। समाजीकरण के तीन प्राथमिक लक्ष्य हैं : आवेग नियंत्रण सीखना, विवेक विकसित करना, लोगों को कुछ सामाजिक भूमिकाएँ निभाने के लिए तैयार करना और अर्थ व मूल्य के साझा स्त्रोतों की खेती करना। इसके द्वारा व्यक्ति समाज में, संस्कृति, आदर्श, मूल्य और परम्परा के अनुरूप व्यवहार करना सीखता है। चलना, बोलना, खाना, कपड़ा पहनना, पढ़ना लिखना आदि क्रियाएँ व्यक्ति समाज में सीखता है।

Explanations:

वह प्रक्रिया जिसमें एक बच्ची अपने माता-पिता, समकक्षी व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों से अन्त:क्रिया करके सामाजिक कौशल, विचार व मूल्य सीखती है समाजीकरण कहलाती है। समाजीकरण लोगों को इसके मानदंडों और अपेक्षाओं को सिखाकर एक सामाजिक समूह में भाग लेने के लिए तैयार करता है। समाजीकरण के तीन प्राथमिक लक्ष्य हैं : आवेग नियंत्रण सीखना, विवेक विकसित करना, लोगों को कुछ सामाजिक भूमिकाएँ निभाने के लिए तैयार करना और अर्थ व मूल्य के साझा स्त्रोतों की खेती करना। इसके द्वारा व्यक्ति समाज में, संस्कृति, आदर्श, मूल्य और परम्परा के अनुरूप व्यवहार करना सीखता है। चलना, बोलना, खाना, कपड़ा पहनना, पढ़ना लिखना आदि क्रियाएँ व्यक्ति समाज में सीखता है।