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Q: वह विधियाँ जिनके प्रयोग में विद्यार्थियों की स्व पहल व प्रयास शामिल हैं, निम्न में से किसका उदाहरण हैं?
  • A. निगमनात्मक विधि
  • B. अधिगमकर्ता केंद्रित विधि
  • C. परम्परागत विधि
  • D. अन्तर्वैयक्तिक बुद्धि
Correct Answer: Option B - वह विधियाँ जिनके प्रयोग में विद्यार्थियों की स्व पहल व प्रयास शामिल होते हैं उसे अधिगमकर्ता केन्द्रित विधि कहते हैं। अधिगमकर्ता केन्द्रित शिक्षण उपागम की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं– • इस उपागम की सभी अधिगम विधियाँ और व्यूह रचना, व्यक्तिगत विद्यार्थी की आवश्यकताओं को आधार बनाती हैं। • शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में शिक्षक एक सुविधा प्रदान करने वाले की भूमिका निभाता है ना कि उपदेशक की। • विद्यार्थी अपने सहपाठियों के साथ परस्पर क्रिया से सीखते हैं। • बच्चों के बैठने की व्यवस्था, कक्षा में बच्चों के क्रियाकलाप के अनुसार होती है।
B. वह विधियाँ जिनके प्रयोग में विद्यार्थियों की स्व पहल व प्रयास शामिल होते हैं उसे अधिगमकर्ता केन्द्रित विधि कहते हैं। अधिगमकर्ता केन्द्रित शिक्षण उपागम की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं– • इस उपागम की सभी अधिगम विधियाँ और व्यूह रचना, व्यक्तिगत विद्यार्थी की आवश्यकताओं को आधार बनाती हैं। • शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में शिक्षक एक सुविधा प्रदान करने वाले की भूमिका निभाता है ना कि उपदेशक की। • विद्यार्थी अपने सहपाठियों के साथ परस्पर क्रिया से सीखते हैं। • बच्चों के बैठने की व्यवस्था, कक्षा में बच्चों के क्रियाकलाप के अनुसार होती है।

Explanations:

वह विधियाँ जिनके प्रयोग में विद्यार्थियों की स्व पहल व प्रयास शामिल होते हैं उसे अधिगमकर्ता केन्द्रित विधि कहते हैं। अधिगमकर्ता केन्द्रित शिक्षण उपागम की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं– • इस उपागम की सभी अधिगम विधियाँ और व्यूह रचना, व्यक्तिगत विद्यार्थी की आवश्यकताओं को आधार बनाती हैं। • शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में शिक्षक एक सुविधा प्रदान करने वाले की भूमिका निभाता है ना कि उपदेशक की। • विद्यार्थी अपने सहपाठियों के साथ परस्पर क्रिया से सीखते हैं। • बच्चों के बैठने की व्यवस्था, कक्षा में बच्चों के क्रियाकलाप के अनुसार होती है।