पुरा एकस्मिन् वृक्षे एका चटका प्रतिवसति स्म। कालेन तस्या: सन्तति: जाता। एकदा कश्चित् प्रमत्त: गज: तस्य वृक्षस्य अध: आगत्य तस्य शाखां शुण्डेन अत्रोटयत्। चटकाया: नीडं भुवि अपतत्। तेन अण्डानि विशीर्णानि। अथ सा चटका व्यलपत्। तस्या: विलापं श्रुत्वा काष्ठकूट: नाम खग: दु:खेन ताम् अपृच्छत् - ‘‘भद्रे किमर्थं विलपसि?’’ इति। चटकावदत् -‘‘दुष्टेनैकेन गजेन मम सन्तति: नाशिता। तस्य गजस्य वधेनैव मम दु:खम् अपसरेत्।’’ तत: काष्ठकूट: तां वीणारवा-नाम्न्या: मक्षिकाया: समीपम् अनयत्। तयो: वार्तां श्रुत्वा मक्षिकावदत् -‘‘ममापि मित्रं मण्डूक: मेघनाद: अस्ति। शीघ्रं तमुपेत्य यथोचितं करिष्याम:।’’ तदानीं तौ मक्षिकया सह गत्वा मेघनादस्य पुर: सर्वं वृत्तान्तं न्यवेदयताम्। 9. ‘करिष्याम:’ इति पदे लकार: अस्ति-
If each side of a cubiod is doubled, its surface are/यदि किसी घनाभ की प्रत्येक भुजा दुगुनी कर दी जाए, तो इसकी सतह का क्षेत्रफल
पदार्थ की एक विशेषता, जिसकी वजह से वह अन्य धातु को काट सकती है, उसे क्या कहा जाता है?
उपर्युक्त गद्यांश का शीर्षक होगा–
The youngest secondary xylem occurs नवीनतम द्वितीयक जाइलम पाया जाता है
In which language did most Buddhist texts were written?
कॉफी का उत्पादन नहीं करने वाला भारतीय राज्य है–
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डीआरडीओ के अध्यक्ष कौन है जिनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है?
Absolute pressure is equal to:
Explanations:
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