Correct Answer:
Option C - ‘विस्मय’ अद्भुत रस का स्थायी भाव है। शांत रस का स्थायी भाव ‘निर्वेद’, तथा वीभत्स रस का स्थायी भाव जुगुप्सा (घृणा) है।
C. ‘विस्मय’ अद्भुत रस का स्थायी भाव है। शांत रस का स्थायी भाव ‘निर्वेद’, तथा वीभत्स रस का स्थायी भाव जुगुप्सा (घृणा) है।