Correct Answer:
Option B - वेदाङ्ग ज्योतिष के कर्ता का नाम लगध था। वेदाङ्ग ज्योतिषस्य कर्तु: नाम लगध: आसीत्। इनकी रचनायें आर्य ज्योतिष, याजुष ज्योतिष तथा आथर्वण ज्योतिष मानी जाती है। आथर्वण ज्योतिष के रचनाकार ऋषि के विषय में मतभेद भी है। वेदाङ्ग 6 है उनमें ज्योतिष को नेत्र माना जाता है।
‘वेदा हि यज्ञार्थमभिप्रवृत्ता कालानुपूर्वा विहिताश्च यज्ञ:’
B. वेदाङ्ग ज्योतिष के कर्ता का नाम लगध था। वेदाङ्ग ज्योतिषस्य कर्तु: नाम लगध: आसीत्। इनकी रचनायें आर्य ज्योतिष, याजुष ज्योतिष तथा आथर्वण ज्योतिष मानी जाती है। आथर्वण ज्योतिष के रचनाकार ऋषि के विषय में मतभेद भी है। वेदाङ्ग 6 है उनमें ज्योतिष को नेत्र माना जाता है।
‘वेदा हि यज्ञार्थमभिप्रवृत्ता कालानुपूर्वा विहिताश्च यज्ञ:’