Correct Answer:
Option D - वाहक पट्टा (Belt Conveyor)–बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री जैसे- मृदा, बालू, गिट्टी, कंक्रीट इत्यादि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लगातार पहुँचाने के लिए वाहक पट्टे का प्रयोग किया जाता है। इस प्रणाली में भूमि पर किसी सड़क मार्ग अथवा रेलपटरी के निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं है। चल पट्टी भूमि से कुछ ऊपर, सभी बाधाओं को लांघती हुई, सीधी गंतव्य जगह पर माल पहुँचाती है। वाहक पट्टी रबड़ लेपित धागों की बनी एक सिराहीन पट्टी होती है, जो दोनों छोरों पर ड्रमों के ऊपर से घूमती है। पट्टी को सहारा देने के लिए इसके पथ पर, इसकी तली पर उचित दूरी पर रोलर दिये जाते हैं; जो निठल्ले या आइडलर कहलाते हैं। निठल्ले रोलरों को ऊर्ध्वाधर आधारों पर टिकाया जाता है।
D. वाहक पट्टा (Belt Conveyor)–बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री जैसे- मृदा, बालू, गिट्टी, कंक्रीट इत्यादि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लगातार पहुँचाने के लिए वाहक पट्टे का प्रयोग किया जाता है। इस प्रणाली में भूमि पर किसी सड़क मार्ग अथवा रेलपटरी के निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं है। चल पट्टी भूमि से कुछ ऊपर, सभी बाधाओं को लांघती हुई, सीधी गंतव्य जगह पर माल पहुँचाती है। वाहक पट्टी रबड़ लेपित धागों की बनी एक सिराहीन पट्टी होती है, जो दोनों छोरों पर ड्रमों के ऊपर से घूमती है। पट्टी को सहारा देने के लिए इसके पथ पर, इसकी तली पर उचित दूरी पर रोलर दिये जाते हैं; जो निठल्ले या आइडलर कहलाते हैं। निठल्ले रोलरों को ऊर्ध्वाधर आधारों पर टिकाया जाता है।