Correct Answer:
Option A - शुद्ध चालक में वर्जित ऊर्जा अन्तराल 0 eV होता है। धातुओं (चालकों) में सामान्य ताप पर मुक्त इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। अत: इनके संयोजक बैंड तथा चालक बैंड के बीच वर्जित ऊर्जा अन्तराल नही होता है। यह दोनों बैंड एक दूसरे को ढक देते हैं। अत: इसमें संयोजक बैंड ऊर्जा तथा चालन बैंड ऊर्जा समान होती हैं।
A. शुद्ध चालक में वर्जित ऊर्जा अन्तराल 0 eV होता है। धातुओं (चालकों) में सामान्य ताप पर मुक्त इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। अत: इनके संयोजक बैंड तथा चालक बैंड के बीच वर्जित ऊर्जा अन्तराल नही होता है। यह दोनों बैंड एक दूसरे को ढक देते हैं। अत: इसमें संयोजक बैंड ऊर्जा तथा चालन बैंड ऊर्जा समान होती हैं।