search
Q: What is the forbidden energy gap in a pure conductor? शुद्ध कंडक्टर में निषिद्ध ऊर्जा अन्तर क्या हैं?
  • A. 0 eV
  • B. 1.1 eV
  • C. 0.7 eV
  • D. 6 eV
Correct Answer: Option A - शुद्ध चालक में वर्जित ऊर्जा अन्तराल 0 eV होता है। धातुओं (चालकों) में सामान्य ताप पर मुक्त इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। अत: इनके संयोजक बैंड तथा चालक बैंड के बीच वर्जित ऊर्जा अन्तराल नही होता है। यह दोनों बैंड एक दूसरे को ढक देते हैं। अत: इसमें संयोजक बैंड ऊर्जा तथा चालन बैंड ऊर्जा समान होती हैं।
A. शुद्ध चालक में वर्जित ऊर्जा अन्तराल 0 eV होता है। धातुओं (चालकों) में सामान्य ताप पर मुक्त इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। अत: इनके संयोजक बैंड तथा चालक बैंड के बीच वर्जित ऊर्जा अन्तराल नही होता है। यह दोनों बैंड एक दूसरे को ढक देते हैं। अत: इसमें संयोजक बैंड ऊर्जा तथा चालन बैंड ऊर्जा समान होती हैं।

Explanations:

शुद्ध चालक में वर्जित ऊर्जा अन्तराल 0 eV होता है। धातुओं (चालकों) में सामान्य ताप पर मुक्त इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं। अत: इनके संयोजक बैंड तथा चालक बैंड के बीच वर्जित ऊर्जा अन्तराल नही होता है। यह दोनों बैंड एक दूसरे को ढक देते हैं। अत: इसमें संयोजक बैंड ऊर्जा तथा चालन बैंड ऊर्जा समान होती हैं।