Correct Answer:
Option B - ब्रिटिश काल की पंचायत प्रणाली में पहचानी गई प्रमुख कमियों में से एक कमजोर कानूनी ढाँचा और लोगों का गैर-प्रतिनिधित्व थी, जिसके कारण स्वतंत्रता के बाद पंचायती राज प्रणाली में सुधार हुए। 1882 में लॉर्ड रिपन ने स्थानीय स्वशासन में निर्वाचित प्रतिनिधियों की अवधारणा को पेश किया, लेकिन ये व्यापक नहीं था और सभी स्तरों पर लोगों का उचित प्रतिनिधित्व नहीं था।
B. ब्रिटिश काल की पंचायत प्रणाली में पहचानी गई प्रमुख कमियों में से एक कमजोर कानूनी ढाँचा और लोगों का गैर-प्रतिनिधित्व थी, जिसके कारण स्वतंत्रता के बाद पंचायती राज प्रणाली में सुधार हुए। 1882 में लॉर्ड रिपन ने स्थानीय स्वशासन में निर्वाचित प्रतिनिधियों की अवधारणा को पेश किया, लेकिन ये व्यापक नहीं था और सभी स्तरों पर लोगों का उचित प्रतिनिधित्व नहीं था।