Correct Answer:
Option C - ऊर्जा संरक्षण के नियमानुसार, ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। अत: जब कोई वस्तु स्वतंत्र रूप से पृथ्वी पर गिरती है तो उसकी कुल ऊर्जा स्थिर रहती है क्योंकि जब कोई पिण्ड विश्रामावस्था में उच्चतम बिंदु पर होता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिक और गतिज ऊर्जा शून्य होती है। लेकिन जब यह जमीन से टकराने वाली होती है तो इसकी गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है और स्थितिज ऊर्जा शून्य होती है। इस प्रक्रिया के दौरान कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।
C. ऊर्जा संरक्षण के नियमानुसार, ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। अत: जब कोई वस्तु स्वतंत्र रूप से पृथ्वी पर गिरती है तो उसकी कुल ऊर्जा स्थिर रहती है क्योंकि जब कोई पिण्ड विश्रामावस्था में उच्चतम बिंदु पर होता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिक और गतिज ऊर्जा शून्य होती है। लेकिन जब यह जमीन से टकराने वाली होती है तो इसकी गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है और स्थितिज ऊर्जा शून्य होती है। इस प्रक्रिया के दौरान कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।