Explanations:
प्रभाव शंकु (Cone of depression)– रिसन क्षेत्र के प्रभावी वृत्त की परिधि से कुएँ के जल-तल तक जो एक उल्टा शंकु (Inverted cone) बन जाता है। उसको प्रभावी या अपकर्ष वक्र कहते हैं। ∎ जलभृत में एक नलकूप से पानी पम्प किया जाता है तो ट्यूबबेल के चारो ओर बनने वाली पीजोमैट्रीक सतह प्रभाव शंकु के रूप में जाना जाता है। ∎ प्रभाव शंकु का आधार सामान्य भौम जल पर होता है तथा इसका शीर्ष कुएँ का नीचे उतरा हुआ जल-तल होता है। अवतलन शीर्ष (Depression Head)– कुएँ में पहले पानी का तल सामान्य भौम तल पर होता है पानी निकलने पर यह तल नीचे गिर जाता है। अत: प्रारम्भिक जल तल तथा गिरे हुए जल तल के अन्तर को रिसन हैड या अवतलन शीर्ष कहते हैं।