Correct Answer:
Option C - मर्सराइजिंग (Mercerising)-इस परिसज्जा द्वारा वस्त्र की सतह को सुन्दर कोमल, चिकना चमकदार एवं कांतियुक्त बनाया जाता है। अधिकतर यह परिसज्जा सूती धागों एवं वस्त्रों पर की जाती है। मर्सराइजिंग प्रक्रिया का आविष्कार सन् 1844 ई. में इंग्लैण्ड निवासी जोन मार्शर ने किया था। उन्ही के नाम पर इस प्रक्रिया का नाम भी मर्सराइजिंग रखा गया। लिनन के वस्त्रों पर भी यह परिसज्जा सफलतापूर्वक दी जाती है। मर्सराइजिंग प्रक्रिया में धागे को मर्सिराइज्ड करने के लिए पहले इसे कास्टिक सोडे के ठण्डे घोल में डाला जाता है जिससे इसकी ऐठन कम हो जाती है और धागे की चमक बढ़ जाती है अत: विकल्प (c) सही है।
C. मर्सराइजिंग (Mercerising)-इस परिसज्जा द्वारा वस्त्र की सतह को सुन्दर कोमल, चिकना चमकदार एवं कांतियुक्त बनाया जाता है। अधिकतर यह परिसज्जा सूती धागों एवं वस्त्रों पर की जाती है। मर्सराइजिंग प्रक्रिया का आविष्कार सन् 1844 ई. में इंग्लैण्ड निवासी जोन मार्शर ने किया था। उन्ही के नाम पर इस प्रक्रिया का नाम भी मर्सराइजिंग रखा गया। लिनन के वस्त्रों पर भी यह परिसज्जा सफलतापूर्वक दी जाती है। मर्सराइजिंग प्रक्रिया में धागे को मर्सिराइज्ड करने के लिए पहले इसे कास्टिक सोडे के ठण्डे घोल में डाला जाता है जिससे इसकी ऐठन कम हो जाती है और धागे की चमक बढ़ जाती है अत: विकल्प (c) सही है।