Correct Answer:
Option B - रफ-लागत प्राक्कलन (Rough Cost Estimate)-
■ रफ-लागत प्राक्कलन व्यावहारिक ज्ञान और समान कार्याें की लागत के आधार पर तैयार किया जाता है।
■ यह प्रस्तावित निर्माण की मोटे तौर पर अनुमानित लागत का भान कराता है और प्रशासनिक व अन्य औपचारिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिए बनाया जाता है। राजकीय बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान रखने के लिए प्रारम्भिक प्राक्कलन की आवश्यकता पड़ती है।
■ प्रारम्भिक प्राक्कलन तैयार करने में कम समय लगता है, अत: योजनायें बनाते समय यह प्राक्कलन बड़ा उपयोगी रहता है।
■ इस प्राक्कलन में भूमि का मूल्य तथा पानी, सीवर, विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं का प्रतिशत में व्यय भी जोड़ लिया जाता है।
B. रफ-लागत प्राक्कलन (Rough Cost Estimate)-
■ रफ-लागत प्राक्कलन व्यावहारिक ज्ञान और समान कार्याें की लागत के आधार पर तैयार किया जाता है।
■ यह प्रस्तावित निर्माण की मोटे तौर पर अनुमानित लागत का भान कराता है और प्रशासनिक व अन्य औपचारिक स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के लिए बनाया जाता है। राजकीय बजट में आवश्यक धनराशि का प्रावधान रखने के लिए प्रारम्भिक प्राक्कलन की आवश्यकता पड़ती है।
■ प्रारम्भिक प्राक्कलन तैयार करने में कम समय लगता है, अत: योजनायें बनाते समय यह प्राक्कलन बड़ा उपयोगी रहता है।
■ इस प्राक्कलन में भूमि का मूल्य तथा पानी, सीवर, विद्युत आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं का प्रतिशत में व्यय भी जोड़ लिया जाता है।