Correct Answer:
Option D - ईंट में बजरी कंकड़ होने से इसको भली प्रकार से मिलाने तथा ढलाई में कठिनाई आती है, क्योंकि यह पदार्थ ईंट-मृदा के अभिन्न घटक नहीं होते हैं अत: ईंट की सामर्थ्य कम कर देते हैं तथा ईंट की सतह समतल नहीं रह पाती है। ऐसी ईंटों को वांछित रेखा पर तोड़ने-काटने में भी दिक्कत आती है।
D. ईंट में बजरी कंकड़ होने से इसको भली प्रकार से मिलाने तथा ढलाई में कठिनाई आती है, क्योंकि यह पदार्थ ईंट-मृदा के अभिन्न घटक नहीं होते हैं अत: ईंट की सामर्थ्य कम कर देते हैं तथा ईंट की सतह समतल नहीं रह पाती है। ऐसी ईंटों को वांछित रेखा पर तोड़ने-काटने में भी दिक्कत आती है।