Correct Answer:
Option D - ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन ऐरीन (Arenes) कहलाती है। ऐरोमैटिक यौगिक असंतृप्त होते हुए भी नाभिकस्नेही योग अभिक्रियाओं का प्रतिरोध करते हैं। ऐरोमैटिक यौगिक हैलोजनीकरण, नाइट्रीकरण, सल्फोनीकरण तथा अन्य प्रतिस्थापन अभिक्रियाये सरलतापूर्वक प्रदर्शित करते है। इन अभिक्रियाओं में बेन्जीन चक्र में उपस्थित एक या अधिक हाइड्रोजन परमाणु अन्य परमाणुओं या समूहों द्वारा विस्थापित हो जाते है। आक्रमणकारी अभिकर्मक की प्रकृति के अनुसार ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाये तीन प्रकार की होती हैं–
(1) इलेक्ट्रोफिलिक ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियायें
(2) न्यूक्लिओफिलिक ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियायें
(3) मुक्त मूलक ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियायें
इन अभिक्रियाओं में आक्रमणकारी अभिकर्मक क्रमश: इलेक्ट्रोफाइल, न्यूक्लिओफाइल तथा मुक्तमूलक (free radical) होते हैं। अधिकांश ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाये इलेक्ट्रोफिलिक होती हैं।
D. ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन ऐरीन (Arenes) कहलाती है। ऐरोमैटिक यौगिक असंतृप्त होते हुए भी नाभिकस्नेही योग अभिक्रियाओं का प्रतिरोध करते हैं। ऐरोमैटिक यौगिक हैलोजनीकरण, नाइट्रीकरण, सल्फोनीकरण तथा अन्य प्रतिस्थापन अभिक्रियाये सरलतापूर्वक प्रदर्शित करते है। इन अभिक्रियाओं में बेन्जीन चक्र में उपस्थित एक या अधिक हाइड्रोजन परमाणु अन्य परमाणुओं या समूहों द्वारा विस्थापित हो जाते है। आक्रमणकारी अभिकर्मक की प्रकृति के अनुसार ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाये तीन प्रकार की होती हैं–
(1) इलेक्ट्रोफिलिक ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियायें
(2) न्यूक्लिओफिलिक ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियायें
(3) मुक्त मूलक ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियायें
इन अभिक्रियाओं में आक्रमणकारी अभिकर्मक क्रमश: इलेक्ट्रोफाइल, न्यूक्लिओफाइल तथा मुक्तमूलक (free radical) होते हैं। अधिकांश ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाये इलेक्ट्रोफिलिक होती हैं।