Correct Answer:
Option A - लेखो व अन्तिम या प्रकाशित खातों की सत्यता विश्वसनीयता तथा नियमानुकूलता का पता लगाना ही वास्तव में अंकेक्षण का मूल्य उद्देश्य है। साथ ही त्रुटियों का पता लगाना, कपटों का पता लगाना तथा त्रुटियों एवं कपट की रोकथाम करना भी अंकेक्षण का उद्देश्य होता है। यह द्वितीयक उद्देश्यों में शामिल है।
किन्तु मूल प्रविष्टियों का अभिलेखन करना अंकेक्षण का उद्देश्य नहीं होता है।
A. लेखो व अन्तिम या प्रकाशित खातों की सत्यता विश्वसनीयता तथा नियमानुकूलता का पता लगाना ही वास्तव में अंकेक्षण का मूल्य उद्देश्य है। साथ ही त्रुटियों का पता लगाना, कपटों का पता लगाना तथा त्रुटियों एवं कपट की रोकथाम करना भी अंकेक्षण का उद्देश्य होता है। यह द्वितीयक उद्देश्यों में शामिल है।
किन्तु मूल प्रविष्टियों का अभिलेखन करना अंकेक्षण का उद्देश्य नहीं होता है।