Correct Answer:
Option C - स्वैच्छिक या यादृच्छिक याम्योत्तर (Arbitrary Meridian) - सुविधानुसार किसी भी माने गये स्थिर बिन्दु में से अनुवूâल दिशा को होता हुआ याम्योत्तर, स्वैच्छिक याम्योत्तर कहलाता है। किसी छोटे क्षेत्र की सर्वेक्षण रेखाओं की पारस्परिक स्थिति ज्ञात करने के लिये, अपनी स्वेच्छा से यह याम्योत्तर मान लिया जाता है। स्वैच्छिक याम्योत्तर सर्वेक्षण क्षेत्र की प्रथम रेखा की दिशा, चिमनी, मंदिर का कलश, खम्भे का सिरा, मकान की विंâगरी आदि को माना जा सकता है।
C. स्वैच्छिक या यादृच्छिक याम्योत्तर (Arbitrary Meridian) - सुविधानुसार किसी भी माने गये स्थिर बिन्दु में से अनुवूâल दिशा को होता हुआ याम्योत्तर, स्वैच्छिक याम्योत्तर कहलाता है। किसी छोटे क्षेत्र की सर्वेक्षण रेखाओं की पारस्परिक स्थिति ज्ञात करने के लिये, अपनी स्वेच्छा से यह याम्योत्तर मान लिया जाता है। स्वैच्छिक याम्योत्तर सर्वेक्षण क्षेत्र की प्रथम रेखा की दिशा, चिमनी, मंदिर का कलश, खम्भे का सिरा, मकान की विंâगरी आदि को माना जा सकता है।