Correct Answer:
Option C - खानदेश ‘दक्षिण का प्रवेशद्वार’ माना जाता था। इसकी राजधानी बुरहानपुर थी। यहाँ का शासक राजा अली खाँ ने 1596 ई. में स्वेच्छा से अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली। 1597 ई. में अली खाँ मुगलों के तरफ से युद्ध करता हुआ मारा गया। इसके बाद उसका पुत्र मीरन बहादुर गद्दी पर बैठा और मुगलों का आधिपत्य मानने से इंकार कर दिया। अकबर ने असीरगढ़ के किले पर घेरा डाला और कई माह के घेरे के बाद अकबर ने रिश्वत और कपट का सहारा लेकर असीरगढ़ के किले पर अधिकार कर लिया। 1601 ई. में अकबर फतेहपुर सीकरी लौटकर, यहीं पर उसने असीरगढ़ (दक्षिण विजय) कि स्मृति में प्रसिद्ध बुलंद दरवाजा का निर्माण करवाया तथा ‘दक्षिण के बादशाह की उपाधि’ धारण की।
C. खानदेश ‘दक्षिण का प्रवेशद्वार’ माना जाता था। इसकी राजधानी बुरहानपुर थी। यहाँ का शासक राजा अली खाँ ने 1596 ई. में स्वेच्छा से अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली। 1597 ई. में अली खाँ मुगलों के तरफ से युद्ध करता हुआ मारा गया। इसके बाद उसका पुत्र मीरन बहादुर गद्दी पर बैठा और मुगलों का आधिपत्य मानने से इंकार कर दिया। अकबर ने असीरगढ़ के किले पर घेरा डाला और कई माह के घेरे के बाद अकबर ने रिश्वत और कपट का सहारा लेकर असीरगढ़ के किले पर अधिकार कर लिया। 1601 ई. में अकबर फतेहपुर सीकरी लौटकर, यहीं पर उसने असीरगढ़ (दक्षिण विजय) कि स्मृति में प्रसिद्ध बुलंद दरवाजा का निर्माण करवाया तथा ‘दक्षिण के बादशाह की उपाधि’ धारण की।