Correct Answer:
Option D - इलास्टोमेरिक बियरिंग- संरचनात्मक तत्वों के बीच लोचदार कनेक्शन के रूप में कार्य करते हुए, इलास्टोमेरिक बियरिंग सबसे अधिक उपयोग किये जाने वाले बियरिंग हैं। वे ऊर्ध्वाधर बलों, क्षैतिज दोलन किसी भी दिशा में सरंचना के घूर्णन और परिभाषित सीमाओं के भीतर क्षैतिज बलों के संरचरण की अनुमति देते हैं। अर्थात् यह दोलन एवं घूर्णन दोनों में सक्षम होता है।
D. इलास्टोमेरिक बियरिंग- संरचनात्मक तत्वों के बीच लोचदार कनेक्शन के रूप में कार्य करते हुए, इलास्टोमेरिक बियरिंग सबसे अधिक उपयोग किये जाने वाले बियरिंग हैं। वे ऊर्ध्वाधर बलों, क्षैतिज दोलन किसी भी दिशा में सरंचना के घूर्णन और परिभाषित सीमाओं के भीतर क्षैतिज बलों के संरचरण की अनुमति देते हैं। अर्थात् यह दोलन एवं घूर्णन दोनों में सक्षम होता है।