Correct Answer:
Option D - भाप टरबाइन आन्तरिक दहन इंजन नहीं कहा जा सकता है। सभी ऊष्मा इंजन, स्रोत से ऊष्मा ग्रहण करते है तथा उसे यान्त्रिक कार्य में परिवर्तित करते है। कुछ इंजनों में दहन क्रिया सिलिण्डर के भीतर ही होती है तथा कुछ इंजनों में सिलिण्डर के बाहर। अत: इंजन दो प्रकार के होते हैं।
(i) अनर्हन इंजन (Internal combustion Engine)
(ii) बाह्य दहन इंजन (External combustion Engine)
बाह्य दहन इंजनों में भाप इंजन तथा भाप टरबाइन आती है जिनके लिए कार्यकारी पदार्थ भाप होती है और भाप बनाने के लिए बायलर आदि की आवश्यकता होती है। अन्तर्दहन इंजनों में ईंधन का दहन इंजन सिलिण्डर के भीतर होता है। अन्तर्दहन इंजनों के साथ बायलर, संघनित्र आदि की आवश्यकता नहीं होती है।
D. भाप टरबाइन आन्तरिक दहन इंजन नहीं कहा जा सकता है। सभी ऊष्मा इंजन, स्रोत से ऊष्मा ग्रहण करते है तथा उसे यान्त्रिक कार्य में परिवर्तित करते है। कुछ इंजनों में दहन क्रिया सिलिण्डर के भीतर ही होती है तथा कुछ इंजनों में सिलिण्डर के बाहर। अत: इंजन दो प्रकार के होते हैं।
(i) अनर्हन इंजन (Internal combustion Engine)
(ii) बाह्य दहन इंजन (External combustion Engine)
बाह्य दहन इंजनों में भाप इंजन तथा भाप टरबाइन आती है जिनके लिए कार्यकारी पदार्थ भाप होती है और भाप बनाने के लिए बायलर आदि की आवश्यकता होती है। अन्तर्दहन इंजनों में ईंधन का दहन इंजन सिलिण्डर के भीतर होता है। अन्तर्दहन इंजनों के साथ बायलर, संघनित्र आदि की आवश्यकता नहीं होती है।