Correct Answer:
Option D - आयोजन (Planning) - आयोजन का अर्थ है ‘करने से पहले सोचना’ अर्थात् किसी कार्य को करने के लिए उसके सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करके उसकी एक व्यावहारिक कार्य-प्रणाली निर्धारित करना, जिससे कार्य सहज ढंग से और समय में पूर्ण हो जाये। आयोजन इस प्रकार होना चाहिए कि यह निर्माण काल में आने वाली कठिनाइयों तथा बाधाओं का पूर्वानुमान कर सके।
भवन योजना के आधारभूत सिद्धान्त निम्न हैं–
(i) पहलू (Aspect)
(ii) संभावना (Prospect)
(iii) गोपनीयता (Privacy)
(iv) संचलन (Circulation)
(v) शून्यता (Roominess)
(vi) समूहीकरण (Grouping)
(vii) लालित्य (Elegnace)
(viii) स्वच्छता(Sanitation)
(ix) लचीलापन (Flexibility)
(x) अर्थव्यवस्था (Economy)
(xi) व्यावहारिक विचार (Practical consideration)
D. आयोजन (Planning) - आयोजन का अर्थ है ‘करने से पहले सोचना’ अर्थात् किसी कार्य को करने के लिए उसके सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करके उसकी एक व्यावहारिक कार्य-प्रणाली निर्धारित करना, जिससे कार्य सहज ढंग से और समय में पूर्ण हो जाये। आयोजन इस प्रकार होना चाहिए कि यह निर्माण काल में आने वाली कठिनाइयों तथा बाधाओं का पूर्वानुमान कर सके।
भवन योजना के आधारभूत सिद्धान्त निम्न हैं–
(i) पहलू (Aspect)
(ii) संभावना (Prospect)
(iii) गोपनीयता (Privacy)
(iv) संचलन (Circulation)
(v) शून्यता (Roominess)
(vi) समूहीकरण (Grouping)
(vii) लालित्य (Elegnace)
(viii) स्वच्छता(Sanitation)
(ix) लचीलापन (Flexibility)
(x) अर्थव्यवस्था (Economy)
(xi) व्यावहारिक विचार (Practical consideration)