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Q: Which of the following duties have been prescribed by the Indian Constitution as Fundamental Duties? भारतीय संविधान में निम्नलिखित में से किस कर्तव्य को मौलिक कर्तव्यों के रूप में निर्धारित किया गया है? 1. To defend the country/देश की रक्षा करना 2. To pay income tax/आयकर अदा करना 3. To preserve the rich heritage of our composite culture/हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का परिरक्षण 4. To safeguard the public property सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा करना Select the correct answer using the codes given below/नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए : Code/ कूट :
  • A. 1 and 2/1 और 2
  • B. 2 and 4/2 और 4
  • C. 1, 2 and 4/1,2 और 4
  • D. 1, 3 and 4/1,3 और 4
Correct Answer: Option D - भारतीय संविधान के भाग-IV(A) के अनुच्छेद 51(A) के अन्तर्गत 10 मूल कर्तव्यों का वर्णन था लेकिन 86वें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 से 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया। भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह – 1. संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें, 2. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करें 3. भारत की प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण रखें, 4. देश की रक्षा करें और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करें, 5. भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो, ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध हैं। 6. हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझे और उसका परीरक्षण करे। 7. प्राकृतिक पर्यावरण की जिसके अन्तर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव है, रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणि मात्र के प्रति दयाभाव रखें। 8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें, 9 सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें। 10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत् प्रयास करें जिससे राष्ट्र निरन्तर बढ़ते हुए प्रयत्न एवं उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले। 11. यदि माता-पिता या संरक्षक हैूं, छ: वर्ष से चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने यथास्थिति, बालक या प्रतिपाल्य के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करें।
D. भारतीय संविधान के भाग-IV(A) के अनुच्छेद 51(A) के अन्तर्गत 10 मूल कर्तव्यों का वर्णन था लेकिन 86वें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 से 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया। भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह – 1. संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें, 2. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करें 3. भारत की प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण रखें, 4. देश की रक्षा करें और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करें, 5. भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो, ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध हैं। 6. हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझे और उसका परीरक्षण करे। 7. प्राकृतिक पर्यावरण की जिसके अन्तर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव है, रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणि मात्र के प्रति दयाभाव रखें। 8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें, 9 सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें। 10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत् प्रयास करें जिससे राष्ट्र निरन्तर बढ़ते हुए प्रयत्न एवं उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले। 11. यदि माता-पिता या संरक्षक हैूं, छ: वर्ष से चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने यथास्थिति, बालक या प्रतिपाल्य के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

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भारतीय संविधान के भाग-IV(A) के अनुच्छेद 51(A) के अन्तर्गत 10 मूल कर्तव्यों का वर्णन था लेकिन 86वें संविधान संशोधन अधिनियम 2002 से 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया। भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा कि वह – 1. संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें, 2. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करें 3. भारत की प्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण रखें, 4. देश की रक्षा करें और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करें, 5. भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हो, ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध हैं। 6. हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझे और उसका परीरक्षण करे। 7. प्राकृतिक पर्यावरण की जिसके अन्तर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव है, रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणि मात्र के प्रति दयाभाव रखें। 8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें, 9 सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें। 10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत् प्रयास करें जिससे राष्ट्र निरन्तर बढ़ते हुए प्रयत्न एवं उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले। 11. यदि माता-पिता या संरक्षक हैूं, छ: वर्ष से चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने यथास्थिति, बालक या प्रतिपाल्य के लिए शिक्षा के अवसर प्रदान करें।