Correct Answer:
Option A - कंपाइलर, किसी प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग कोड में से लाजिकल त्रुटियों को पहचानता है। इसका कार्य स्रोत कोड को परिवर्तित करके एक निष्पादन योग्य प्रोग्राम बनाना होता है। सभी कम्प्यूटर प्रोग्राम प्रोग्रामिंग के निर्देशों का एक सेट लेते हैं और उनका अनुवाद करते हैं। कंपाइलर एक ऐसा कार्यक्रम होता है जो अनुवाद से पूर्व इन प्रोग्रामों में से त्रुटियाँ पहचान कर प्रोग्राम को त्रुटिरहित तथा अंतिम निष्पादन के योग्य बनाता है।
A. कंपाइलर, किसी प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग कोड में से लाजिकल त्रुटियों को पहचानता है। इसका कार्य स्रोत कोड को परिवर्तित करके एक निष्पादन योग्य प्रोग्राम बनाना होता है। सभी कम्प्यूटर प्रोग्राम प्रोग्रामिंग के निर्देशों का एक सेट लेते हैं और उनका अनुवाद करते हैं। कंपाइलर एक ऐसा कार्यक्रम होता है जो अनुवाद से पूर्व इन प्रोग्रामों में से त्रुटियाँ पहचान कर प्रोग्राम को त्रुटिरहित तथा अंतिम निष्पादन के योग्य बनाता है।